दिवाली लक्ष्मी पूजा विधि in Hindi PDF

Diwali Laxmi Puja Vidhi in Hindi हिन्दू धर्म में सबसे खास दिवाली (दीपावली) त्योहार माना जाता है। इस दिन पर माता लक्ष्मी का पूजन विधि -विधान से किया जाता है। माँ लक्ष्मी की दीपावली पूजा प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या के दिन की जाती है। यदि आप भी लक्ष्मी माता पूजन के बारे में जानकारी पढ़ना चाहते हैं। तो नीचे लेख को पूरा ध्यान से पढ़ें। रौशनी का त्योहार दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के साथ -साथ गणेश जी की पूजा और धन के देवता कुबरे की पूजा-अर्जना की जाती है।

दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा सभी लोग इस लिए भी,करते हैं कि, इस दिन पर भगवान श्री राम बनवास से अयोध्या वापिस अपने घर पहुँचे थे। साथ ही उनके साथ धन की देवती लक्ष्मी माता घर लौटे थे। लक्ष्मी पूजन धन-समृद्धि, शांति, तरक्की के लिए की जाती है। Laxmi Puja Diwali in Hindi with Mantr Sampurn Aarti नीचे दी गयी है।

Diwali Laxmi Puja Vidhi in Hindi PDF

Name of PDF दिवाली पूजन विधि मंत्र
Language Hindi/ Sanskrit
Number of pages 17
PDF Size 2.60 MB
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Diwali 2022 Laxmi Puja Shubh Muhurt : 

दिवाली लक्ष्मी पूजन शुभ मुहूर्त इस शुभ मुहूर्त के समय लक्ष्मी और गणेश पूजा की जा सकती है। इस दिन भगवती लक्ष्मी और गणेश जी के साथ-साथ कुबेर जी की जाती है।

  • चतुर्दशी तिथि शुरू: 23 अक्टूबर 2022 को शाम 06:03
  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 24 अक्टूबर 2022 को शाम 05:27 बजे
  • नरक चतुर्दशी 2022: तिथि और समय
  • नरक चतुर्दशी तिथि: सोमवार, 24 अक्टूबर, 2022
  • अभ्यंग स्नान मुहूर्त: 05:06 AM to 06:28 AM
  • अवधि: 01 घंटा 21 मिनट
  • अभ्यंग स्नान में चंद्रोदय: 05:06 AM

Diwali Laxmi Puja का शुभ मुहर्त सुबह 06 बजकर 30 मिनट से है और इसका समापन अगले दिन 25 अक्टूबर की सुबह 03 बजकर 40 मिनट पर होगा। यही कारण है कि 24 अक्टूबर को ही लक्ष्मी पूजन किया जाएगा। शाम के 06 बजकर 39 मिनट से रात 08 बजकर 10 मिनट का मुहूर्त सबसे ऊत्तम माना गया है। इस शुभ मुहूर्त के समय लक्ष्मी और गणेश पूजा की जा सकती है। इस दिन भगवती लक्ष्मी और गणेश जी के साथ साथ बही बसनो का पूजन भी किया जाता है।

Diwali Laxmi Pujan Vidhi PDF

  1. लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त सायं काल से प्रारंभ हो जाता है।
  2. लकड़ी की नई चौकी, सिंहासन पर लाल रंग का नया वस्त्र बिछाकर श्री लक्ष्मी श्री गणेश की मूर्ति रखनी चाहिए।
  3. इसके पश्चात श्री लक्ष्मी, श्री गणेश जी के दाहिनी ओर होनी चाहिए। श्री लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्तियों के सामने चावल के दानों के ऊपर कलश में जल भरकर अक्षत, दूर्वा, सुपारी, रत्न व चांदी का सिक्का रखना होगा।
  4. फिर कलश पर सिंदूर या रोली से स्वास्तिक बनाना चाहिए। कलश के ऊपर चावल से भरा हुआ पात्र रखकर उसके ऊपर नारियल को लाल वस्त्र शस्त्र से लपेटे हुए नारियल के ऊपर या 11 बार लपेट कर रखना चाहिए।
  5. इसके पश्चात चावल, धूप, पुष्प, अर्पित करने के पश्चात अखंड दीप प्रज्वलित करके पूजन करें।
  6. दीपावली पूजन की शुरुआत घर के प्रमुख को ही करनी चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठकर पूजा में भाग लेना चाहिए।

दिवाली पूजा सामग्री 

मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा, रोली, कुमुकम, अक्षत (चावल), पान, सुपारी, नारियल, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, अगरबत्तियां, मिट्टी, दीपक, रूई, कलावा, शहद, दही, गंगाजल, गुड़, धनिया, फल, फूल, जौ, गेहूं, दूर्वा, चंदन, सिंदूर, पंचामृत, दूध, मेवे, खील, बताशे, जनेऊ, श्वेस वस्त्र, इत्र, चौकी, कलश, कमल गट्टे की माला, शंख, आसन, थाली. चांदी का सिक्का, चंदन, बैठने के लिए आसन, हवन कुंड, हवन सामग्री, आम के पत्ते प्रसाद।

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता Aarti In Hindi 

  • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
  • तुमको निशदिन सेवत, मैया जी को निशदिन * सेवत हरि विष्णु विधाता
  • ॐ जय लक्ष्मी माता-2
  • उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता
  • सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता
  • ॐ जय लक्ष्मी माता-2
  • दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता
  • जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता
  • ॐ जय लक्ष्मी माता-2
  • तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता
  • कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता
  • ॐ जय लक्ष्मी माता-2
  • जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता
  • सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता
  • ॐ जय लक्ष्मी माता-2
  • तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
  • खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता
  • ॐ जय लक्ष्मी माता-2
  • शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता
  • रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
  • ॐ जय लक्ष्मी माता-2
  • महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता
  • उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता
  • ॐ जय लक्ष्मी माता-2
  • ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
  • तुमको निशदिन सेवत,
  • मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता
  • ॐ जय लक्ष्मी माता-2
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